browser icon
You are using an insecure version of your web browser. Please update your browser!
Using an outdated browser makes your computer unsafe. For a safer, faster, more enjoyable user experience, please update your browser today or try a newer browser.

Tagged With: poem

स्वरनाद ..

Categories: Marathi, Marathi Poems | Tags: , | Comments Off on स्वरनाद ..

वाट…

देवाच्या दरबारात मांडला लग्नाचा थाट ‘वरुण’ राजाची पडणार होती साता जन्माची गाठ घरचं लग्न समजून त्यांनी खूप पाहिली वाट पण रिक्तचं राहिलं शेवटी “सोनियाचं” ताट

Categories: Marathi, Marathi Vatratika | Tags: , , , , | Comments Off on वाट…

एक उंबरठा….

दर वर्षी सर्वच  बोलतात स्त्रीला ही जगण्याचा हक्क आहे माणूस म्हणून जगतांना तिचे पण काही स्वप्नं आहेत,

Categories: Marathi, Marathi Poems | Tags: , , | Comments Off on एक उंबरठा….

यादें

वो बचपन के सुहाने दिन आज भी याद आते है, मन के पटल पर वो फिर से ताजा हो जाते है ।

Categories: Hindi, Hindi Poems | Tags: , , , | 1 Comment

आशा

आशा रोज एक नई सुबह दिल पर दस्तक देती है अंधेरे को चिरते हुए एक आशा की किरण लाती है . सुने पडे आंगन में उम्मीदे बरसाती है तुफानों से लड़ने मेरे मन का दिया जलाती हैं. जग चाहे चिल्लाए – “अब कोई राह नहीं” फिर भी वह मेरे दिल में चलने का साहस बढ़ाती … Continue reading »

Categories: Hindi, Hindi Poems | Tags: , , , | 2 Comments
Powered by Aaliya Enterprise