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Tagged With: Hindi Poem on JNU controversy

फैसला ..

“जेनयू” मामले में “उनको” पाया गया है दोषी “वो” तथाकथित बुद्धिजीवियोने क्यों साधी है ख़ामोशी ? देश के टुकड़े करनेवालों का वो साथ देने गए थे “अभिव्यक्ति की आझादी ” का ढिंढोरा पिट रहे थे। हमारे ही घर में रहकर हमारे ही खिलाफ आवाज उठाते है इतनाही अगर गम है तो पड़ोस में क्यों नहीं … Continue reading »

Categories: Hindi, Hindi Poems | Tags: | 1 Comment
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