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मै और ‘बापू’….

मै  और मेरे ‘बापू’ अक्सर ए बाते करते है की तुम होते ऐसा होता,

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“मोहन” का दुःख..

मनमोहन बोले पत्नी से मै भी भ्रष्टाचार खत्म करना चाहता हूँ पर क्या करू देखकर भी

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‘मन’ बोले ‘मोहन’ सें..

“मन” बोले “मोहन” से मै हमेशा “जी- जी” कहता रहता हूँ ।

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कप के सपने…

आफ्रीद़ी को सपने में भी कप दिखता था पानी का खाली ग्लास भी उसे कप लगता था । जमीन पर पाँव रखने की आदत नही डाली इस बार भी उनकी

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गाँधी तेरे देश में…

गाँधी तेरे देश का कैसा है हाल ? झुठ हो रहा है मालामाल और सच हो रहा है कंगाल । गाँधी तेरे देश में अजब चलती है सरकार अनपढ़ गवार राज करे

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माँ की ललकार…

शहीद की माँ बोली… गिलानी साहब, एक बार सरहद पार कर के तो देखो रोशन है आज भी मेरे घर का चिराग तो देखों ।

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मैच का निमंत्रण.

मोहन के मन में उठी तरंग बोले साहब सें “आओ मिलकर देखे हम मैच संग संग” । साहब बोले “मै जरुर मैच देखने आऊँगा और साथ साथ दोस्ती का पैगाम लाऊँगा” मनमोहन मन ही मन मुस्कराएँ फिर सोचकर कुछ बड़बड़ाएँ

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“शीला” की कहानी..

कल सबने खूब रंगाई “शीला” की कहानी विरोधियों के हाथ आई फिर एक बात पुरानी, “शीला” ऐसे ही आसानी सें हाथ थोडी ना आनी राजनिती में सारी उम्र बिती क्यों करते हो बदनामी ॽ

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प्याज का अंदाज…

प्याज बोला कद्दु सें “मै युही छोटा दिखता हूँ पर मै तो अच्छों अच्छों के आँखों में आसू लाता हूँ । मै तो आजकल यारो

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वार… प्रतिवार…

देख के सारा तमाशा “कृष्ण” हो गए “लाल” और मनमोहन ने मारा तीर तो फिर हुआ बुरा हाल । मनमोहन से वे बोले, “प्रधानमंत्री बनना तो हर एक का हक है आपके जैसा कहा

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