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Dear Bapu…

Posted by on October 1, 2017

प्रिय बापूजी,

आज हम हर साल की तरह आपको याद कर रहे है। आज आपकी जयंती है। पुरे देश में आज अलग अलग कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। और क्यों न हो ? कम से कम एक दिन ही सही सब आपको याद करते है।
आज कोई राजनीति नहीं, कोई गुटबाजी नहीं। वरना हमने आपको भी बाट दिया है। ऐसा लगता है कि मानो आप सिर्फ केवल एक ही गुट के हो। पर बापू हम तो आपको सबके ‘बापू’ मानते है। फिर ये दरारें क्यों ?
ये सवाल मेरे मन को खाएं जा रहा है। मै डर गयी हूँ। सहम गई हूँ। आपने तो सत्य, अहिंसा और सहिष्णुता का मार्ग दिखाया हैं। पर बापू आज हमारी सहिष्णुता, छोटी छोटी बातों से टूट जाती हैं। कही पर सीट को लेकर तो कही पर पैसो को लेकर आए दिन मारपीट होती रहती हैं। उसने ये कहा….. तो मार दिया, इसने ये किया ….. तो मार दिया।
क्या हमारी जिंदगी इतनी सस्ती हो गयी हैं?
ऐसा लगता हैं मानो हम एक मशीन की तरह जी रहे हैं।
बापू आपने एक स्वतंत्र लोकतांत्रिक देश का सपना देखा और हम लोकतांत्रिक देश के नागरिक बने।
हां हम आज़ाद हैं?
पर आज़ादी के मायने बदल गये हैं।
कोई कुछ भी बोले तो आज़ादी। कुछ भी लिखें तो आज़ादी।
और फिर उठता है एक तूफान। उजड़ जाती है जिंदगियाँ।
क्या आपने ईसी आज़ादी का सपना देखा था ?
पर बापू फिर भी हम खुश हैं।
खुश हैं यह सोचकर—-
कि यह हमारे साथ नहीं हो रहा हैं।
पर बापू वास्तविकता में हम खुश हैं ?
हम लोकतांत्रिक हैं इसलिये खुश हैं ?
नल में पानी नहीं हैं, गांव में बिजली नहीं हैं, अस्पताल नहीं हैं, कही बच्चे मर रहे हैं, कही लोग मर रहे हैं।
फिर भी हम समझौता कर लेते हैं।
और खुश रहते हैं कि लोकतंत्र चल रहा हैं।
ना हम कुछ बोलते है।
ना हम कुछ करते है।
बस अंदर ही अंदर घुटते रहते है।
और अपने आपको दिलासा देते है।
यह सोचकर कि लोकतंत्र जीवित है।

बापू क्या कभी सही मायनो में हम लोकतंत्र को समझ पाऐंगे ?
अपने आपको हम बदल पाऐंगे ?
आपका एक संदेश जरूर आस दिलाता है ———-

“Be The Change you wish to see in The World”

One Response to Dear Bapu…

  1. Rajeshwari.C

    Dear Varsha कविता पढ़कर रोंगटे खड़ी हो गयी. His famous quote is relevant even today. So true,.”दृष्टि बदल ने से सृष्टि बदल जाती है l I “A journey begins with a single step” We can only change ourselves, nothing more. If that influence brings about change in others it is the best we can do.

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