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Author Archives: Varsha Pargat

मनाचा सुक्ष्म कॅमेरा

Categories: Marathi, Marathi Poems | Tags: , , | Leave a comment

मनाचा सुक्ष्म कॅमेरा ….

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मनाचा सुक्ष्म कॅमेरा

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मनाचा सुक्ष्म कॅमेरा

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राजनीती

राजनीती के मायने इतने बदल गए है नेताओं की टिका टिपणी चढ़ी बनियान तक पहुंच गए है। क्या मर्यादा,क्या विचार? दिखता है बस व्यभिचार खस्ता हो गया है लोकतंत्र “सत्ता” केवल व्यापार। सबका अपना मतलब सबका अपना रंग सबकुछ जायज है रोज की नेताओं की जुबानी जंग। “आय. सी. यु. ” में है व्यवस्था लोकतंत्र … Continue reading »

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मनाचा सुक्ष्म कॅमेरा

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मनाचा सुक्ष्म कॅमेरा …

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मनाचा सुक्ष्म कॅमेरा

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Dear Bapu…

प्रिय बापूजी, आज हम हर साल की तरह आपको याद कर रहे है। आज आपकी जयंती है। पुरे देश में आज अलग अलग कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। और क्यों न हो ? कम से कम एक दिन ही सही सब आपको याद करते है। आज कोई राजनीति नहीं, कोई गुटबाजी नहीं। वरना … Continue reading »

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देश का “लाल”

दिया था आपने नारा  “जय जवान, जय किसान” जीवित हो उठा था फिरसे मुरझाया हिन्दुस्थान। दुनियाँ ये मानती थी हम तो हो गए दुर्बल पर आपने अपने निश्चयसे हिन्दुस्थान को कर दिया सबल। एक तरफ था युद्ध दूसरी तरफ थी भूख मरी लेकिन आपका अटूट विश्वास पड़ा था दोनों पर भारी। दुनियाँ मान चुकी थी लोहा … Continue reading »

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